addtitude shayri


#1
अब इश्क नहीं गुनाह करूंगी""
ऐ सनम तुझे बस तबाह करूंगी..

2
तुमको ही पाया खुदमे,
तुमको ही अपने करीब पाया..

झांक कर देखा दिल में अपने जो,
अपने आप को सिर्फ तुम्हारा पाया...

इश्क़ ने तुम्हारे हयही इश्क है शायद...💕
नज़दीक नहीं तुम मेरे....
पर मैं तुमसे... दूर नहीं...❤️में जब छुआ,
उस पल ये दिल तुम्हारे नाम हो गया...

मैंने देखा है तुम्हे जबसे,
दिल का ये हाल बेहाल हो गया...!

3
फना हुए बिना तुझसे इश्क़ कैसे होगा,
सज़दे में महोब्बत के सिवा क्या होगा ।।

4
वो भी तड़फ ना जाएं तो इश्क पर लानत

हमसे फकत निगाह मिलाने की देर है...

5
मै सुहागन हूँ तेरे इश्क़-ए-सिन्दूर से,
मुझे इश्क़-ए-जहाँ मे अब कोई ख्वाहिश नही।

6
वक्त कम मिला साथ वक्त बिताने को
फिर एक जन्म लेंगे तुमसे मुकम्मल इश्क फरमाने को।😍😍

7
सूनो न सनम....
हमारे ख्यालों के रहगुजर हम हमेशा आपके ही नूर है,,
गुमसुदा  से यू जो हो गए हम ये आपके इश्क का कसूर हैं...

8
ज़िन्दगी का सबसे खूबसूरत ख्याल हो तुम..!!
इश्क़ और इबादत दोनो में बेमिसाल हो तुम....!!!!

9
समुंदर-ए-इश्क़ की गहरायी को ना नाप,

तसव्वुर में यार को रख और डूबता जा..!!

10
💜💞 कयूँ खुद से ही बग़ावत करते हो,,,??
मान क्यूँ नही लेते तुम्हे भी इश्क़ है,,,💞💜

11
गज़ब की आशिकी है इन निगाहो मै,
जब भी देखती है,
डूबने को मजबूर कर देती है।

12
उसके आंखो तले काले घेरे गवाह है

उनकी भी मौहब्बत मे राते तबाह है।

13
उसे इश्क़ है मुझसे इतना
बताता नहीं है,
ख़ामोश रहता है मगर मुझे देख कर निगाहें आज भी झुकाता नहीं है

14
हो जाऊं खफा तो सताता नहीं है
मेरी रूह से जुड़ा है वो शख़्स इतना
जो रो दूं तो एक बार तो मुस्कुराता नहीं है

15
क़तरा क़तरा आग बनकर अब तो
जल रही हैं पल पल यादें तेरी...
बरसा कर इश्क़ तू भी  अब  ,
दिल की लगी बुझा दे...

16
तेरे इश्क़ का रोग उतरता ही नही,
हजारों हकीमो ने कर ली है तौबा मुझसे।

17
होश आये तो कुछ कहूँ
अभी तो नशा है तेरे इश्क़ का !!

18
मेरी चाहत भी तू मेरा इश्क भी तू,
अधूरा हूँ मैं मुकम्मल हूं जब साथ है तू ...!!

19
इश्क़ 😍 का तो कुछ ऐसा असर है दोस्तो कि
.उसकी दी हुई चॉकलेट 🍫 का रैपर भी फेंकने
का मन नही करता....
 ❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

20
तुझे ख़बर हैं की में फ़ना हो गया हूं तेरे इश्क़ मै।
क़तरा-क़तरा जी रहा हूं तेरे इश्क़ की आगोश मै।।

21
इश्क़ वही, जब मेरे होने के निशान ज़माना तुम’में ढूँढे !!

22
वो जो उतर जाए तुम्हारे दिल की गहराइयों तक,
 अपने नाज़ुक वक़्त के मुझे, वो जज़्बात लिखना तुम!!

23
तुम जो उतरी हो दिल की गहराईयों मे
मेरे नाजुक वक्त की तुम आक्सीजन हो...

24
तलब - तुम्हारा इश्क़ उम्र भर
ख़्वाहिश - तुम्हारा साथ झुर्रियों तक

25
मैं ख्वाहिश बन जाऊँ और तू रूह की तलब
बस यूँ ही जी लेंगे दोनों मोहब्बत बनकर..

26
तलब लगी है अल्फ़ाज़ों की .. मगर,
ज़हन में दूर दूर तक बस तुम ही तुम हो !!

27
हुस्न है .. अदा है .. इश्क़ है .. रुआब है
ज़िद है .. तलब है .. ख़्वाहिश है .. तुम हो

28
प्रेम मैं तुम’से कुछ ऐसे करती हूँ
हर साँस में तुम’को ज़िंदगी सा जीती हूँ 

29
ये हवाएँ जो बे’ख़ौफ़ आ’कर मुझे चूम लेती है,
यक़ीनन ... तुम्हें छू’कर मुझे छूने आती हैं !!! 

30
तेरी आख़ो से रूह तक, मेरी सल्तनतं होगी
नज़र ज़ुका तो सही, हर तरफ़ मेरा पहरा हें
मेरा इश्क़ ईतना गहरा हें......!!




















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addtitude shayri addtitude shayri Reviewed by Fact Hacks on January 16, 2020 Rating: 5

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